आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयर में सोमवार को 2% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन्फोसिस के एक शेयर की कीमत 659 रु. तक पहुंच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेयरों में बढ़ोतरी के बाद आईटी कंपनी 11200 करोड़ रुपए के शेयर बायबैक कर सकती है। इन्फोसिस की मार्केट कैप अभी 2.84 लाख करोड़ रुपए है।
इन्फोसिस ने 2017 में भी शेयर बायबैक किया था
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन्फोसिस शेयरों के मौजूदा रेट से 20-25 फीसदी के प्रीमियम पर शेयर बायबैक कर सकती है। 11 जनवरी को होने वाली बोर्ड की बैठक में इसका ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, इन्फोसिस ने इस बारे में पूछे गए सवाल का कोई जवाब नहीं दिया है।
अगर इन्फोसिस शेयर बायबैक करती है तो यह कंपनी का दूसरा बायबैक होगा। इससे पहले इन्फोसिस ने 2017 में 1.13 करोड़ शेयर बायबैक करे थे।
30 नवंबर से 14 दिसंबर 2017 तक चली इस बायबैक प्रक्रिया में एक शेयर की 1150 रुपए कीमत अदा की गई थी। यानी एक शेयर बेचने वाले को 1 शेयर का दाम अतिरिक्त दिया गया था।
इस बायबैक प्रोग्राम में एलआईसी, सिंगापुर सरकार, इन्फोसिस के को-फाउंडर एस गोपालकृष्णन की पत्नी सुधा गोपालकृष्णन, को-फाउंडर एनआर नारायणमूर्ति के बेटे रोहन मूर्ति शामिल हुए थे।
क्यों किया जाता है शेयर बायबैक
एक्सपर्ट का कहना है कि शेयर बायबैक से हर शेयर पर कमाई बेहतर होती है। इसके अलावा शेयर होल्डर को अतिरिक्त कैश वापस मिलता है। इसके अलावा यह प्रक्रिया ये मार्केट की धीमी रफ्तार के दौरान भी शेयर प्राइस को गिरने नहीं देती।
"कंपनी के लिए ये सकारात्मक कदम होता है। लॉन्ग टाइम इन्वेस्टर्स को इससे फायदा होता है। यह निवेशकों के लिए टैक्स बचाने के उपकरण की तरह होता है। इसके अलावा यह शेयर होल्डर के लिए अच्छा मुनाफा कमाने का मौका भी होता है।"
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